सुल्तानपुर के जयसिंहपुर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में आधार आधारित ई-केवाईसी और ओटीपी सत्यापन व्यवस्था के चलते रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित होती नजर आई। तकनीकी खामियों और नेटवर्क समस्या के कारण कई लोग बैनामा कराए बिना ही वापस लौटने को मजबूर हो गए।
दिल्ली से जमीन का बैनामा कराने पहुंचे संतोष कुमार ने बताया कि वह बुधवार को रजिस्ट्री कराने आए थे, लेकिन मोबाइल नंबर आधार से लिंक न होने के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि पूरा दिन इंतजार करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
कार्यालय में ओटीपी न आने, इंटरनेट की धीमी गति और आधार डाटा में त्रुटियों के कारण कई आवेदकों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालापुर निवासी प्रवेश कुमार वर्मा भाई के नाम रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, लेकिन बायोमीट्रिक सत्यापन और ओटीपी में देरी के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसी तरह छीतेपट्टी निवासी निर्मला भी ओटीपी न मिलने से निराश लौट गईं।
जिले के पांचों उप निबंधक कार्यालयों में लागू नई आधार आधारित सत्यापन व्यवस्था का उद्देश्य भू-संपत्ति रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकना है। हालांकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले जहां प्रतिदिन औसतन 12 से 14 बैनामे होते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 9 से 10 रह गई है।
उप निबंधक कार्यालय प्रभारी ठाकुर प्रसाद गौतम ने बताया कि नई मशीन के माध्यम से आधार और मोबाइल सत्यापन के बाद ही बैनामा किया जा रहा है। वहीं एआईजी स्टांप धर्मेंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि नई व्यवस्था से फर्जीवाड़ा पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद है और इससे भूमि विवादों में कमी आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा।
इस बीच लोगों ने मांग की है कि ओटीपी फेल होने की स्थिति में वैकल्पिक सत्यापन की व्यवस्था हो, उप निबंधक कार्यालय में आधार अपडेट काउंटर खोले जाएं और नेटवर्क व सर्वर क्षमता को मजबूत किया जाए। साथ ही बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्राथमिकता काउंटर शुरू करने की भी मांग उठाई गई है।




