15 अक्टूबर तक तैयार हो जायेगा काशी का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम:जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण,अर्धचंद्राकार छत और गंगा घाटों जैसी बना है दर्शक दीर्घा

वाराणसी के गंजारी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। रविवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्टेडियम परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी गति पर अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने शेष कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि स्टेडियम के अधिकांश प्रमुख निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। अब मुख्य रूप से डमरू परियोजना का कार्य शेष है, जिसे 15 अक्टूबर तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्टेडियम के बाह्य विकास का काम 80 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। इसे भी सितंबर तक पूरा कराने की तैयारी है। मंडप, मीडिया सेंटर और मैदान का काम पूरा निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्टेडियम के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि वीआईपी/दक्षिण मंडप तथा पश्चिम और पूर्व मंडप का निर्माण पूरा हो चुका है। मीडिया सेंटर के साथ आंतरिक निर्माण कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। क्रिकेट मैदान में घास लगाने का काम भी पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थल की निगरानी करने और प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। शिव थीम पर तैयार हो रहा अत्याधुनिक स्टेडियम राजातालाब तहसील के गंजारी गांव में करीब 31 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित हो रहा यह स्टेडियम अपनी वास्तुकला के कारण भी खास होगा। स्टेडियम को भगवान शिव की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इसकी दर्शक क्षमता बढ़ाकर करीब 32 हजार कर दी गई है। स्टेडियम की डिजाइन में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है। यहां डमरू के आकार का मीडिया सेंटर बनाया गया है। मैदान में भगवान शिव के त्रिशूल की आकृति से प्रेरित चार स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा दो आधुनिक स्कोरबोर्ड भी तैयार किए जा चुके हैं। अर्धचंद्राकार छत और गंगा घाटों जैसी दर्शक दीर्घा स्टेडियम की वास्तुकला में भगवान शिव के स्वरूप को विशेष महत्व दिया गया है। इसकी छत को भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान अर्धचंद्र के आकार से प्रेरित होकर डिजाइन किया गया है। वहीं दर्शक दीर्घा को काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों की सीढ़ियों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इस तरह स्टेडियम में क्रिकेट देखने आने वाले दर्शकों को आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी मिलेगी। स्टेडियम की डिजाइन इसे देश के अन्य क्रिकेट मैदानों से अलग पहचान देने की तैयारी में है। बारिश के बाद 30 मिनट में खेलने के लिए तैयार होगा मैदान गंजारी स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर सरोज शुक्ला के अनुसार, मैदान में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है। उनके मुताबिक यदि मैदान में एक-दो घंटे तक लगातार बारिश होती है तो भी जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था के चलते मैदान को करीब 30 मिनट के भीतर दोबारा खेल के लिए तैयार किया जा सकेगा। यह सुविधा स्टेडियम को देश के आधुनिक क्रिकेट मैदानों की श्रेणी में खड़ा करने में मदद करेगी। 32 हजार दर्शकों की क्षमता, पूर्वांचल के खिलाड़ियों को मिलेगा मंच स्टेडियम की दर्शक क्षमता बढ़ाकर करीब 32 हजार किए जाने से यहां बड़े स्तर के क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन की संभावनाएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इसके शुरू होने के बाद पूर्वांचल के साथ आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों के खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होने से स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। इसके साथ ही स्टेडियम के संचालन से वाराणसी में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बड़े क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन से होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में किया था शिलान्यास गंजारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को रखी थी। यह परियोजना वाराणसी के खेल ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 31 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस स्टेडियम को आधुनिक खेल सुविधाओं और काशी की सांस्कृतिक पहचान के संगम के रूप में तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के बाद अब प्रशासन का जोर शेष कार्यों को समय से पूरा कराने पर है।

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