आप सांसद और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने रविवार को सुल्तानपुर में मीडिया से बात की। शाम 4 बजे बात करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘नफरत के सबसे बड़े मास्टर’ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में बंद हुए एक लाख सरकारी स्कूल किस मुसलमान ने बंद किए हैं, इसका नाम बताया जाए। संजय सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जेन-जी और जेन-अल्फा युवा जागृत हो रहे हैं और सड़कों पर आ रहे हैं। उन्होंने इसका कारण स्कूलों की खराब सड़कें और जर्जर कमरे बताए। आप सांसद ने जयसिंहपुर के राहीलपारा स्थित एक सरकारी स्कूल का उदाहरण दिया, जो केवल कागजों पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर बात पर ‘हिंदू-मुसलमान’ करती है। प्रधानमंत्री के लालकिले से दिए गए ‘विकसित भारत 2047’ के भाषण पर संजय सिंह ने कहा कि यह ‘झूठ और जुमलों की बौछार’ थी। उन्होंने सवाल किया कि जब मोदी की उम्र 100 साल हो जाएगी, तो कौन उनसे ‘विकसित भारत’ के बारे में पूछेगा। उन्होंने इसे एक जुमला करार दिया। आप सांसद ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 84 करोड़ लोग 5 किलो राशन पर निर्भर हैं, महिलाओं की सुरक्षा का इंतजाम नहीं है, और एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। उन्होंने अस्पतालों की खराब हालत का भी जिक्र किया, जहां मोमबत्ती की रोशनी में ऑपरेशन होते हैं और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होती। संजय सिंह ने आगे कहा कि किसानों को फसल का दाम मांगने पर लाठियों से पीटा जाता है, पेपर लीक हो रहे हैं और रोजगार का अभाव है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ‘विकसित भारत’ का झूठा सपना दिखा रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जमीन पर कुछ नहीं किया, बल्कि केवल अपने ‘पूंजीपति मित्र अडानी’ को पूरा भारत सौंपने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दुनिया भर में घूम-घूम कर अडानी को ठेके दिलवाए हैं।




