बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय स्टांप वेंडर की कार के अंदर जिंदा जलकर मौत हो गई। चलती वैगन-आर कार में अचानक आग लगने के बाद उसके सभी दरवाजे लॉक हो गए, जिससे चालक बाहर नहीं निकल सका। कुछ ही मिनटों में कार आग का गोला बन गई और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यह हादसा बाराबंकी-अयोध्या रोड पर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर सफदरगंज थाना क्षेत्र के बघौरा गांव के पास हुआ। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में कार की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।
चलती कार में अचानक उठने लगा धुआं
मृतक की पहचान राजनारायण वर्मा (50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बाराबंकी रजिस्ट्री कार्यालय में स्टांप वेंडर के रूप में कार्यरत थे। वह मूल रूप से बरियारपुर गांव के निवासी थे और शहर के विजयनगर मोहल्ले में अपनी पत्नी के साथ रहते थे।
परिजनों के मुताबिक, राजनारायण शनिवार रात एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रविवार सुबह वह अपनी वैगन-आर कार से गांव स्थित अपने माता-पिता से मिलने के लिए निकले थे। जब वह सफदरगंज क्षेत्र के बघौरा गांव के पास पहुंचे, तभी कार के अंदर से धुआं उठने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं निकलने के कुछ ही सेकंड बाद कार में आग भड़क गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।
दरवाजे लॉक होने से नहीं बच सकी जान
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद राजनारायण वर्मा ने कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कार के सभी दरवाजे लॉक हो चुके थे। उन्होंने काफी प्रयास किया, लेकिन वाहन से बाहर नहीं निकल सके।
कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। सड़क किनारे मौजूद लोगों ने दूर से घटना देखी, लेकिन आग की भयावह लपटों के कारण कोई भी कार के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। हालांकि जब तक राहत टीम पहुंचती, तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।
ग्रामीणों ने पानी डालकर बुझाई आग
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आसपास से पानी लाकर किसी तरह आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। इसके बाद कार का दरवाजा तोड़ा गया।
जब वाहन का गेट खोला गया तो राजनारायण वर्मा का शव ड्राइविंग सीट से चिपका हुआ मिला। शव इतनी बुरी तरह जल चुका था कि पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजनारायण वर्मा अपने परिवार के प्रमुख सदस्य थे। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा आंध्र प्रदेश में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
उनके पिता मेवा लाल वर्मा और मां बबिता वर्मा बरियारपुर गांव में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राजनारायण वर्मा केवल स्टांप वेंडर ही नहीं थे, बल्कि अपने भाई जंग बहादुर वर्मा के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे। इससे पहले वह करीब 10 वर्षों तक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में भी कार्य कर चुके थे।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
सफदरगंज थाना प्रभारी अमर चौरसिया ने बताया कि कार में आग लगने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में वाहन की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की संभावना सामने आई है। कार पेट्रोल वैरिएंट थी और आग तेजी से फैलने के कारण चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग लगने का वास्तविक कारण क्या था और क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी पहले से मौजूद थी।
सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने वाहन सुरक्षा और समय-समय पर कार की तकनीकी जांच कराने की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों में वायरिंग संबंधी समस्याएं और ईंधन प्रणाली की खराबी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।
बाराबंकी में हुई इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। एक व्यक्ति जो अपने माता-पिता से मिलने जा रहा था, घर से महज दो किलोमीटर पहले ही काल का ग्रास बन गया। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।



