कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। सोनभद्र एसआईटी की जांच में तस्करी के किंगपिन शुभम जायसवाल को लेकर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुभम फिलहाल दुबई में मौजूद है और उसे भारत लाने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने अपने पिता भोला प्रसाद को मोहरा बनाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दवा कारोबार का पूरा जाल खड़ा किया। शुभम ने पिता के नाम पर रांची में ‘शैली ट्रेडर्स’ नाम से फर्जी फर्म खोली और इसके जरिए झारखंड में 10 से ज्यादा और उत्तर प्रदेश में 100 से अधिक फर्जी फर्मों के माध्यम से कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई की।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्करी का यह नेटवर्क सिलीगुड़ी से लेकर दार्जिलिंग तक फैला हुआ था। कफ सिरप को नशे के तौर पर खपाने के लिए fake billing और paper supply का इस्तेमाल किया गया। करोड़ों रुपये के इस कारोबार में शुभम खुद बाहर रहकर operations संभाल रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुभम के पिता भोला प्रसाद एक तरफ तीन लाख रुपये महीना गोदाम का किराया भर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ लाइसेंस लेने के लिए खुद को सिर्फ 7 हजार रुपये महीने का नौकर दिखाया गया। इसी फर्जी प्रोफाइल के आधार पर ड्रग लाइसेंस हासिल किया गया।
इस मामले में वाराणसी एसआईटी ने शुभम जायसवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ Look Out Circular (LOC) जारी कर दिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि जैसे ही शुभम भारत लौटने की कोशिश करेगा या किसी अन्य देश की ओर मूव करेगा, उसे हिरासत में लिया जा सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, दुबई से शुभम को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया और इंटरनेशनल कोऑर्डिनेशन पर काम चल रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, कोडीन सिरप तस्करी का यह केस राज्य से बाहर और देश के बाहर तक फैले नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है, जिसने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।




