CTI का दिल्ली पुलिस को पत्र: कनॉट प्लेस और रामलीला मैदान में रैलियों पर लगे रोक

दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक धरना-प्रदर्शनों और रैलियों के कारण कारोबारियों को होने वाली भारी आर्थिक क्षति को लेकर व्यापारिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक औपचारिक पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, रैली या मार्च की अनुमति न दिए जाने की पुरजोर मांग की है। CTI का दावा है कि हाल ही में हुई एक बड़ी राजनीतिक रैली के कारण दिल्ली के बाजारों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

CTI ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र

व्यापारी संगठन CTI ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से अनुरोध किया है कि शहर के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में विरोध प्रदर्शनों की अनुमति पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। जिन प्रमुख स्थानों के लिए यह मांग की गई है, उनमें राजधानी का दिल कहे जाने वाला कनॉट प्लेस, ऐतिहासिक रामलीला मैदान, जंतर-मंतर, इंडिया गेट और राजघाट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इन जगहों पर प्रदर्शन होने से आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों और खरीदारों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

I.N.D.I.A. ब्लॉक की रैली से ₹11,000 करोड़ का नुकसान

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और अन्य व्यापारी संगठनों के अनुसार, गत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में I.N.D.I.A. गठबंधन की एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी। इस रैली और इसके मद्देनजर किए गए कड़े सुरक्षा तथा यातायात प्रतिबंधों के कारण दिल्ली के लगभग 20 बड़े बाजारों की करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं।

व्यापारी संगठनों का दावा है कि त्योहारी सीजन और दिवाली के ठीक पहले हुए इस आयोजन से कारोबार पर बेहद बुरा असर पड़ा और व्यापारियों को लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का भारी नुकसान झेलना पड़ा। CTI का यह भी कहना है कि इस स्थिति ने दिल्ली के व्यापार और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है।

राहुल गांधी को भेजी जा चुकी हैं चार चिट्ठियां

इस पूरे मामले को लेकर CTI ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पहले भी पत्र लिखे हैं। संगठन की ओर से राहुल गांधी को कुल चार बार चिट्ठियां भेजी जा चुकी हैं, जिनमें रामलीला मैदान में आयोजित I.N.D.I.A. ब्लॉक की रैली से दिल्ली के व्यापार और ट्रांसपोर्ट पर पड़े प्रतिकूल असर को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी।

राहुल गांधी और बीजेपी का पक्ष

दूसरी ओर, इस विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। मार्च के दौरान एक वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जानबूझकर और जबरन कनॉट प्लेस की सभी दुकानें बंद करवा दी थीं। उन्होंने कहा कि मेगा रैली में शामिल होने आए लोगों से खरीदारी करने की अपील की गई थी, लेकिन जब लोग कनॉट प्लेस पहुंचे तो उन्हें दुकानें बंद मिलीं। उन्होंने जनता से यह समझने की अपील की थी कि उनका आर्थिक नुकसान असल में कौन करवा रहा है।

बता दें कि 1 नवंबर को आयोजित इस मेगा रैली और ‘चलो दिल्ली’ मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई दिग्गज विपक्षी नेता शामिल हुए थे। यह मार्च कनॉट प्लेस के मिंटो रोड जंक्शन से शुरू हुआ था, जिसमें भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और वाहन शामिल थे।

व्यापारियों की सुरक्षा और भविष्य की चिंता

CTI का तर्क है कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र भी है। ऐसे में बार-बार होने वाले राजनीतिक आयोजनों, रैलियों और यातायात डायवर्जन से व्यापारियों का व्यापार चौपट हो जाता है। व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रदर्शन करने की अनुमति न दी जाए, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापारियों के हितों की रक्षा की जा सके।

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