‘दामाद ने धमकी दी थी कि आज पूरे परिवार को कफन में लिटा देंगे। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर बुलेट से आया और गोली चलाई… बेटा सामने आ गया तो उसे मार दिया। मेरी आंखों के सामने बेटा खून से लथपथ पड़ा था।’ ये दर्द है प्रतापगढ़ के गया प्रसाद का, जिनके 48 साल के बेटे देवेंद्र की उसके बहनोई ने मंगलवार को दिनदहाड़े तीन गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद से पिता बदहवास हैं। वे बार-बार बेहोश हो जा रहे हैं। घर में रिश्तेदारों का जमावड़ा है। आरोपी बहनोई रिटायर्ड फौजी है। उसने बीच बाजार 10 राउंड फायरिंग की, और मौके से भागने लगा। लेकिन, लोगों ने पकड़ लिया। रस्सी से बांधकर पीटा। हॉस्पिटल में उसने कहा, मेरी बीवी-बच्चों को विदा नहीं कर रहे थे। मैंने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई। पढ़िए रिपोर्ट… वारदात कैसे हुई, सिलसिलेवार पढ़िए… जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर मदाफरपुर बाजार है। इसी बाजार में देवेंद्र यादव का एक मंजिला मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर तीन दुकानें हैं। मंगलवार दोपहर 12 बजे देवेंद्र अपने मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। तभी जीजा कपिल बुलेट से वहां पहुंचा। वह फौजी की वर्दी में था। दोनों के बीच बहस हुई। कपिल ने धमकाया कि तुम मेरी बीवी को लेकर कैसे आ गए। इसी दौरान बात बढ़ी तो कपिल ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसने पिस्टल से 10 राउंड फायर किए। तीन गोली कपिल को लगी। एक सिर, दूसरी कमर और तीसरी पैर पर। जिला अस्पताल में देवेंद्र की मौत हो गई। आरोपी जीजा पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था। वर्दी के ऊपर बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। साले देवेंद्र को गोली मारकर मौके से भागने की कोशिश की। भीड़ ने उसे पकड़ लिया। रस्सी से बांधकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आरोपी फौजी कपिल यादव को भीड़ से बचाया। कपिल, साले देवेंद्र से 5 साल छोटा है। कपिल ने किस बात पर अपने ही साले की जान ली, जानिए… प्रियंका (40 साल) अपने पिता गया प्रसाद की इकलौती बेटी हैं। देवेंद्र का लगाव बहन से बहुत ज्यादा था। प्रियंका की शादी 18 साल पहले अमेठी के पीपरपुर के रहने वाले कपिल यादव के साथ की थी। शादी के समय कपिल फौज में था। प्रियंका और कपिल का एक 12 साल का बेटा और 8 साल की बेटी है। दोनों बच्चे अमेठी में पढ़ाई करते हैं। एक साल पहले रिटायर हुआ था कपिल कपिल आर्मी में इंजीनियर यूनिट में था। एक साल पहले फौज से रिटायर हुआ तो उसने सुलतानपुर जिला अस्पताल में गार्ड की नौकरी शुरू कर दी। रिटायर होने के बाद से कपिल अमेठी में पत्नी और बच्चों के साथ रहने लगा था। यहीं से रोज सुलतानपुर ड्यूटी के लिए आता-जाता था। पत्नी को रुपए लाने के लिए परेशान करता था देवेंद्र के परिवार के मुताबिक, तीन महीने पहले कपिल ने घर बनवाया था। इसके बाद से वह प्रियंका को परेशान कर रहा था। वो कहता था कि मायके से रुपए लेकर आओ। कई बार घर के लोगों ने मिलकर समझा दिया। सोमवार (17 अगस्त) को कपिल ने फिर प्रियंका को परेशान किया तो उसने बड़े भाई देवेंद्र को फोन कर दिया। देवेंद्र शाम को ही बहन के घर अमेठी पहुंचा। बहन और भांजों को लेकर आ गया था देवेंद्र बहन प्रियंका को जब देवेंद्र अपने घर ला रहा था तो जीजा कपिल ने उसके साथ भी गाली-गलौच की थी। इसके बाद देवेंद्र प्रियंका को लेकर प्रतापगढ़ आ गया। दोनों बच्चे भी मां के साथ आ गए। कपिल ने उसी समय देवेंद्र को देख लेने की धमकी दी थी। कपिल ने कई धमकी भरे कॉल और मैसेज भी परिवार के लोगों को भेजे थे। पिता गया प्रसाद का दावा है कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना बताते-बताते पिता बेहोश हुए पिता ने अपनी आंखों के सामने बेटे की हत्या देखी है। दैनिक भास्कर को घटना बताते-बताते वो बेहोश हो गए। लोगों ने पानी के छींटे मारकर उन्हें होश में लाया। जब थोड़ा संभले तो बताया कि मेरे तीन बेटे हैं। देवेंद्र सबसे बड़ा था। पूरा परिवार एक ही घर में रहता है। ग्राउंड फ्लोर पर तीन दुकानें हैं। देवेंद्र और भूपेंद्र का मेडिकल स्टोर है, जबकि मंझले बेटे उपेंद्र की कपड़ों की दुकान है। देवेंद्र के दो बेटे हैं। एक 22 साल का अभिषेक और दूसरा 15 साल का आदर्श है। दोनों पढ़ाई करते हैं। तीनों बेटों और इकलौती बेटी प्रियंका की शादी कर दी थी। घर में भी सब ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में चीजें बिगड़ने लगीं। दामाद ने 3 महीने पहले भी दी थी मारने की धमकी पिता कहते हैं, 3 महीने पहले बेटी के घर झगड़ा हुआ था। मियां-बीवी का विवाद था, हर घर में होता है। उस वक्त हम लोगों ने समझा दिया। फिर दामाद ने मारने की धमकी दी तो पुलिस चौकी में शिकायत की। पुलिस ने दामाद कपिल को बुलाया तो समझौता हो गया। उनके घरवालों ने कहा कि मेरी जिम्मेदारी रहेगी और बेटी को विदा करा ले गए। ‘नशा करने के बाद बेटी को परेशान करता है’ गया प्रसाद ने कहा, भरोसे पर मैंने बेटी को उसकी ससुराल भेज दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही सब शुरू हो गया। उसे परेशान करना शुरू कर दिया। कपिल नशा करता है। स्मैक या कोकीन मुझे मालूम नहीं क्या पीता है। मेरे सामने सिगरेट के अंदर का मसाला निकालकर उसमें भरकर पीता है। पीने के बाद बेटी को तंग करता था। दामाद ने लोन ले रखा है और उस पर काफी कर्ज है। कपिल ने मकान बनवाया था तो बेटी से कहता था कि अपने मायके से पैसे मंगवाओ। घर बनवाने के बाद कपिल ने फंक्शन किया था। उस फंक्शन में भी पिस्टल से इतनी फायरिंग की थी कि पुलिस आ गई थी। वह बार-बार देवेंद्र को मारने की धमकी दे रहा है, मुझे भी धमकी दे रहा था। ‘दो बार चौकी गए फिर डायल 112 पर कॉल की’ पिता ने कहा- आज सुबह भी दामाद कपिल की कॉल आई… काफी देर तक देवेंद्र को गाली दिया। हमें भी गाली दे रहा था। मैंने पुलिस को सूचना दी। घर से 50 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है, वहां 2 बार गया। लेकिन मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं था। तब दरोगा को फोन लगाया। उन्होंने फोन काट दिया, फिर दोबारा नहीं लगा। उस वक्त हमारा दिमाग काम नहीं कर रहा था। हमने डायल 112 पर फोन किया तो उन्होंने कहा कि हम 2 मिनट में पहुंच रहे हैं। लेकिन जब तक पुलिस आई, उससे पहले कपिल आ गया। पहुंचते ही उसने फायर करना शुरू कर दिया। हम लोग डंडा लेकर तैयार थे, क्या पता था वो पिस्टल लेकर आ जाएगा। देवेंद्र डंडा लेकर दुकान के बाहर निकला। हम भी आ गए। मैंने कपिल की पिस्टल पर डंडा मारा, ताकि वो गिर जाए। देवेंद्र सबसे पहले आगे बढ़ा तो कपिल ने ताबड़तोड़ गोली चला दी। मेरे सामने मेरे बेटे को मार दिया। आरोपी बोला- पहले मेरे ऊपर रॉड से हमला हुआ आरोपी कपिल जिला अस्पताल में भर्ती है। उसने बताया, पहले मुझे रॉड से मारा था। जब मैं गिर गया, तब मैंने पिस्टल निकाली। देवेंद्र ने बोला था- ‘आ जाओ, तेरे गोली मारूंगा।’ तब मैंने कहा था- ‘रुक जा, तू गोली मार के दिखाना, मैं आ रहा हूं।’ खुद को बचाने के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट पहनकर गया था। मेरे बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो रही थी, इसलिए मैं उन्हें मायके से लेने गया था। मामले में सीओ सिटी ने अशुतोष मिश्रा ने बताया- जीजा ने साले को गोली मारी थी। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में देवेंद्र की मौत हो गई। आरोपी का पुलिस कस्टडी में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। ————————– यह खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड फौजी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर साले की हत्या की:3 गोलियां मारीं, पत्नी को मायके ले जाने से नाराज था; प्रतापगढ़ में भीड़ ने बांधकर पीटा प्रतापगढ़ में रिटायर्ड फौजी ने सगे साले की हत्या कर दी। वह सुल्तानपुर से साले की मेडिकल स्टोर की दुकान पहुंचा। वहां ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जब तक साला कुछ समझ पाता, तब तक तीन गोलियां उसे लग गईं। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। आरोपी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर पहुंचा था। पढ़ें पूरी खबर…




