दिल्ली-NCR में लोगों को अब भी clean air का इंतजार करना पड़ रहा है। राजधानी में लगातार सातवें दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। सोमवार की सुबह भी शहर की शुरुआत घने कोहरे और स्मॉग की मोटी layer के साथ हुई। पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रही, जिससे कई इलाकों में visibility काफी कम दर्ज की गई।
स्थानीय कारणों और slow wind speed की वजह से प्रदूषण और बढ़ गया। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और खांसी जैसी समस्याएं महसूस हुईं। सांस के मरीजों के लिए स्थिति और ज्यादा challenging बनी रही। सोमवार को दिल्ली का AQI 373 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में आता है। यह रविवार के मुकाबले 9 पॉइंट ज्यादा रहा।
NCR की बात करें तो दिल्ली के बाद Noida सबसे ज्यादा polluted रहा, जहां AQI 366 दर्ज किया गया। इसके अलावा गाजियाबाद में 360, ग्रेटर नोएडा में 332 और गुरुग्राम में 331 AQI रहा। वहीं फरीदाबाद की हवा तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, जहां AQI 234 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 17.32 फीसदी रही। इसके अलावा उद्योगों से 7.93 फीसदी, आवासीय क्षेत्रों से 4.30 फीसदी, निर्माण गतिविधियों से 2.26 फीसदी और कूड़ा जलाने से 1.54 फीसदी प्रदूषण दर्ज किया गया। सड़क की धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में योगदान दे रही है।
सीपीसीबी के अनुसार, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली, लेकिन यह प्रदूषण को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। दोपहर तीन बजे PM10 का स्तर 301.5 और PM2.5 का स्तर 177.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
CPCB का forecast है कि बुधवार तक हवा की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं होगा और यह ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में बनी रह सकती है। ऐसे में खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को extra caution बरतने की सलाह दी गई है।




