सुल्तानपुर के लंभुआ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने और अव्यवस्थाओं के आरोप को लेकर किसानों ने शुक्रवार को विरोध दर्ज कराया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं ने सीएचसी अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधार की मांग की।
भाकियू तहसील अध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान लंभुआ सीएचसी पहुंचे। किसानों ने अधीक्षक डॉ. राघवेंद्र सिंह को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
किसान नेताओं का आरोप है कि अस्पताल के कुछ डॉक्टर कमीशन के लालच में मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश पांडे और प्रदेश महासचिव आनंद प्रताप सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर में दलाल सक्रिय रहते हैं, जिससे मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अस्पताल में एक स्थायी दवा पटल बनाया जाए, जहां उपलब्ध दवाओं और इंजेक्शनों की जानकारी सार्वजनिक रूप से दर्ज हो। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति खराब है और मरीजों के बिस्तरों पर गंदी चादरें बिछी रहती हैं।
इसके अलावा किसानों ने बाहर से ब्लड जांच कराने की व्यवस्था समाप्त कर अस्पताल परिसर में ही सभी जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर का नाम सूचना पटल पर दर्ज करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही, ताकि मरीजों को जानकारी मिल सके।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला सचिव मजीद खान, पिंटू चौबे, मो. अख्तर, सत्य प्रकाश चौबे और धर्मेंद्र यादव सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।




