क्या प्रतापपुर कमैचा में वाकई जमीन पर उतरेंगे 23 करोड़ के विकास कार्य?

विकास खंड प्रतापपुर कमैचा में विभिन्न योजनाओं के तहत 23 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बात सामने आई है। शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत बोर्ड की बैठक में इन प्रस्तावों को ध्वनि मत से पारित किया गया। हालांकि, इन योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर उतरने को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं।

बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र पंचायत प्रमुख सुषमा जायसवाल ने की। इस दौरान खंड विकास अधिकारी निशा तिवारी ने प्रस्तावित विकास कार्यों का विवरण सदन के सामने रखा। चर्चा के बाद बोर्ड ने योजनाओं को अपनी सहमति दे दी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कार्यों की शुरुआत कब होगी और प्राथमिकता किन क्षेत्रों को दी जाएगी।

बैठक में विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यों को जल्द पूरा कराने पर जोर जरूर दिया, लेकिन बीते वर्षों में कई योजनाओं के अधूरे रहने के अनुभव को देखते हुए क्षेत्र के लोगों के मन में संशय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि योजनाएं कागज़ों में तो पास हो जाती हैं, लेकिन उनका असर ज़मीन पर सीमित ही दिखता है।

बताया गया कि कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों के अतिरिक्त प्रस्ताव भी कार्य योजना में शामिल किए गए हैं। वहीं, पूर्व में कराए गए विकास कार्यों पर भी बोर्ड ने सहमति जताई, हालांकि उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता को लेकर कोई विस्तृत समीक्षा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई।

बैठक के दौरान प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अमरदेव सिंह और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अरुण कुमार जायसवाल ने सहयोग के लिए सदन का आभार जताया। अधिकारियों की मौजूदगी में सकारात्मक माहौल जरूर रहा, लेकिन असल सवाल यही है कि क्या ये योजनाएं तय समय में पूरी होंगी या फिर फाइलों तक ही सीमित रह जाएंगी।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, नाली, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई कार्य पहले भी स्वीकृत हुए थे, लेकिन उनका लाभ सभी तक नहीं पहुंच पाया। ऐसे में 23 करोड़ की यह नई घोषणा उम्मीद तो जगाती है, पर भरोसा तभी बनेगा जब काम वास्तव में धरातल पर दिखाई देगा।

अब देखना होगा कि यह निवेश सिर्फ घोषणा और प्रस्तावों तक सीमित रहता है या प्रतापपुर कमैचा के गांवों में इसका वास्तविक असर दिखाई देता है।

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