यूपी के सिद्धार्थनगर में मंगलवार को सरकारी जमीन पर बने मदरसे के आधे से ज्यादा हिस्से को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया। करीब 40 साल पुराने इस मदरसे को लेकर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
सुबह 7 बजे SDM और 5 थानों के करीब 100 पुलिसकर्मी 6 बुलडोजर लेकर पिपरा रामलाल गांव पहुंचे। इसके बाद 14 हजार स्क्वायर फीट में बने ‘मकतब मदरसा’ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
इस दौरान डुमरियागंज की सपा विधायक सैय्यदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव समेत 50 से ज्यादा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में बहस होने लगी। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
करीब आधे घंटे तक इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को मौके से दूर किया। इसके बाद करीब 2 घंटे में मदरसे के 7 कमरे, एक दुकान और आधे हॉल को ढहा दिया गया।
मामला जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र का है।
बुलडोजर एक्शन की 2 तस्वीरें देखिए-
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पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच बुलडोजर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही सपा नेता मौके पर पहुंचे और पुलिस से ध्वस्तीकरण रोकने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन की कार्रवाई गलत है।
पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि यह प्रशासनिक कार्रवाई है और मदरसा सरकारी जमीन पर बना है। उन्होंने सपा नेताओं से कहा कि प्रशासन को अपना काम करने दिया जाए।
सपा कार्यकर्ता इसके बावजूद कार्रवाई का विरोध करते रहे। उन्होंने इसे मनमानी बताते हुए कहा कि वे इस कार्रवाई को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। इसके बाद सपा नेता और कार्यकर्ता मौके से वापस लौट गए।
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