त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां एक संदिग्ध तस्कर को हिरासत में लिए जाने से नाराज उग्र ग्रामीणों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में BSF के 3 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, हालांकि स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास हुई घटना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार को सिपाहीजला जिले के आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास हुई। BSF के जवान नियमित ड्यूटी और गश्त पर थे, तभी उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को तस्करी की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया।
जैसे ही जवानों ने संदिग्ध को हिरासत में लिया, स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई और जवानों का विरोध करने लगी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने BSF जवानों पर हमला कर दिया।
गाड़ी में तोड़फोड़ और हथियार छीनने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उग्र भीड़ ने केवल जवानों के साथ मारपीट ही नहीं की, बल्कि BSF की एक गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। इसके अलावा, उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात जवानों से हथियार छीनने की भी कोशिश की, जो एक गंभीर सुरक्षा चूक और चिंता का विषय है।
इस हिंसक हमले में तीन जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि न्यूज वेबसाइट इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करती है।
पुलिस ने 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, पूछताछ के लिए कुछ अन्य संदिग्धों को भी कलामचौरा थाने लाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जताई कड़ी नाराजगी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों पर हमला करना अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है।
त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमलों का पुराना इतिहास
त्रिपुरा राज्य में BSF जवानों पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले ढाई साल के दौरान इस तरह की 3 बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं:
- अप्रैल 2024: दुर्गापुर गांव में अवैध तस्करी को रोकने के दौरान स्थानीय भीड़ ने BSF जवानों पर हमला कर दिया था। इस झड़प में भी 3 जवान घायल हुए थे।
- नवंबर 2025: बिशालगढ़ इलाके में संदिग्ध पशु तस्करों को रोकने पर उग्र भीड़ ने BSF की गाड़ी में तोड़फोड़ की थी और इस घटना में 5 जवान घायल हो गए थे।
- सोमवार की घटना: ताजा मामले में आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास संदिग्ध तस्कर को छुड़ाने के लिए भीड़ ने हमला किया, जिसमें 3 जवान घायल हुए और 8 लोग गिरफ्तार किए गए।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। BSF और स्थानीय पुलिस मिलकर तस्करों और कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही है।

