सपा और भाजपा नेता अखाड़े में भिड़े, पटखनी दी:बनारस में 15 मिनट मुकाबला चला, दोनों बराबरी पर रहे; चुनाव भी आमने-सामने लड़ा था

वाराणसी में नागपंचमी पर अखाड़े में अनोखा मुकाबला देखने को मिला। राजनीतिक अखाड़े में एक-दूसरे के आमने-सामने उतर चुके सपा नेता और भाजपा पार्षद सोमवार को कुश्ती के अखाड़े में भी भिड़ गए। BHU के बचऊ वीर अखाड़े में सपा नेता अमन यादव और भाजपा पार्षद राम सिंह कल्लू के बीच करीब 15 मिनट तक कुश्ती चली। दोनों ने एक-दूसरे को शिकस्त देने के लिए कई दांव-पेच आजमाए, लेकिन कोई किसी को हरा नहीं सका। मुकाबला बराबरी पर छूटा और 5100 रुपए की इनामी राशि दोनों में बांट दी गई। देखिए तस्वीरें… अखाड़ों में पहलवानों ने आजमाए दांव-पेच नागपंचमी पर काशी के अखाड़ों में दंगल की पुरानी परंपरा है। सोमवार सुबह करीब 7 बजे से ही अलग-अलग अखाड़ों में पहलवान पहुंचने लगे। BHU परिसर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के बचऊ वीर अखाड़े में बच्चों से लेकर बड़े पहलवानों तक ने हिस्सा लिया। भाजपा पार्षद और पहलवान राम सिंह कल्लू और सपा नेता अमन यादव भी इसी अखाड़े से पहलवानी करते रहे हैं। दोनों दंगल में पहुंचे थे। दंगल शुरू हुआ तो किसी ने दोनों को मुकाबले के लिए आमंत्रित कर दिया। इसके बाद दोनों नेता एक बार फिर अखाड़े में जोर-आजमाइश के लिए उतर गए। मुकाबला शुरू होते ही दर्शकों का जोश भी बढ़ गया। करीब 15 मिनट तक दोनों एक-दूसरे को पटखनी देने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई किसी को चित्त नहीं कर सका। आखिरकार रेफरी ने दोनों को विजेता घोषित किया। मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद 51 हजार रुपए की इनामी राशि दोनों में बराबर बांट दी गई। बता दें कि बीते पार्षदी चुनाव में एक ही वार्ड से पहलवान राम सिंह कल्लू और अमन यादव चुनाव लड़े थे। सपा ने अमन यादव को तो राम सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया था। इस चुनावी मुकाबले में राम सिंह ने अमन को हराया था। नीदरलैंड से पहुंचे हर्बर्ट, 21 किलो की गदा घुमाई तुलसी घाट के ऐतिहासिक अखाड़े में सुबह 9 बजे हनुमान प्रतिमा का विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद पहलवानों ने अखाड़े की मिट्टी को नमन किया और कुश्ती शुरू हुई। दंगल देखने स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए लोग भी पहुंचे। इसी दौरान नीदरलैंड से आए हर्बर्ट भी अखाड़े में पहुंचे। उन्होंने पहलवानों के मुकाबले देखे और भारतीय कुश्ती के दांव-पेच और पारंपरिक व्यायाम की तकनीकों को समझा। हर्बर्ट ने अखाड़े में 21 किलो की गदा घुमाई। उन्होंने जोड़ी और गदा फेरने के तरीके भी समझे। हर्बर्ट ने बताया- मैं पहली बार 2017 में भारत आया था। तभी से भारतीय पारंपरिक खेलों और अखाड़ा संस्कृति में मेरी रुचि बढ़ी। मैं नीदरलैंड में पहलवानों को प्रशिक्षण देता हूं। बारिश में भी अखाड़े में अभ्यास करना चाहते हैं हर्बर्ट ने कहा कि भारतीय पारंपरिक व्यायाम सिर्फ शरीर को मजबूत बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे लंबे समय से चली आ रही खेल और अभ्यास की परंपरा है। उन्हें खास तौर पर जोड़ी और गदा फेरना पसंद है। दंगल के दौरान बारिश होने के बावजूद हर्बर्ट ने अखाड़े में अभ्यास और प्रदर्शन की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि बारिश कम हुई तो वह अखाड़े में अपना अभ्यास जरूर करेंगे। गुल्लू और काशी पहलवान की कुश्ती भी बराबरी पर बचऊ वीर अखाड़े में गुल्लू पहलवान और काशी पहलवान के बीच भी मुकाबला हुआ। दोनों के बीच कुश्ती बराबरी पर रही। नागपंचमी पर आयोजित दंगल में बड़ी संख्या में स्थानीय पहलवानों ने हिस्सा लिया और अखाड़े की पारंपरिक कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाया। इस प्रदर्शन का मतलब बच्चों की खामियां दुरुस्त करना अखाड़े के संचालक और BHU-IIT के प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्रा ने कहा- आज नागपंचमी का दिन है। यहां पर अखाड़े का एनुअल मीट रखा गया है। आज अखाड़े की विधिवत पूजा-पाठ होती है। यहां हनुमान जी का विग्रह संकट मोचन मंदिर से लाया गया और पूजा की गई। इसके बाद जो भी लड़की-लड़के यहां ट्रेनिंग ले रहे हैं, उनका एक प्रदर्शन भी चल रहा है। इस प्रदर्शन का मकसद, यह देखना है कि कौन कहां कमजोर है और कौन बेहतर है। उस हिसाब से उसे दुरुस्त करके बाहर भेजा जाएगा ——– ये खबर भी पढ़ें इटावा में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या:घर में मिले लहूलुहान शव, दूधिया पहुंचा तो खुलासा, दो दिन पहले आया था स्कूटी सवार यूपी के इटावा में मां–बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह 8 बजे घटना का खुलासा तब हुआ, जब दूध वाला घर में दूध देने पहुंचा। उसने काफी देर गेट खटखटाया पर दरवाजा नहीं खुला। दूधवाले ने महिला के नोएडा में कार्यरत पति को फोन कॉल की। इसके बाद घर के पिछले हिस्से में जाकर अंदर झांककर देखा तो मां का शव आंगन में फर्श पर पड़ा हुआ। जबकि बेटी का शव कमरे में चारपाई पर था। पूरी खबर पढ़ें…

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