लखीमपुर खीरी। सावन के तीसरे सोमवार से पहले रविवार को जिले की सड़कों पर बड़ी संख्या में कांवड़िये नजर आए। ये शिवभक्त छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से कांवड़ लेकर गोला की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ कांवड़िये नाचते-गाते और भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते दिखे।मोहम्मदी-गोला और सीतापुर-गोला मार्ग पर कांवड़ियों की सर्वाधिक भीड़ देखी गई। शारदानगर, नैमिष तीर्थ और गोमती के घाटों से जल भरकर निकले कांवड़ियों के जत्थे भी छोटी काशी की ओर रवाना हुए। रविवार को आसपास के क्षेत्रों के साथ ही दूर-दराज से आए कांवड़ियों के जत्थे एक साथ सड़कों पर दिखाई दिए। जिनकी लंबी कतारें दूर से सड़कों पर पीली पट्टी जैसी लग रही थीं। तीसरे सोमवार को लाखों की संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोला जाने वाले मार्गों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। शनिवार शाम से ही शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 65 पीआरवी और 14 क्यूआरटी गाड़ियां लगातार कांवड़ियों की निगरानी कर रही हैं। पिछले सावन के दूसरे सोमवार को लगभग दो लाख कांवड़ियों ने छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। ऐसे में तीसरे सोमवार को इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कांवड़ियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।




