कानपुर के लालबंगला क्षेत्र में श्री बाबा सिद्धनाथ अमरनाथ सेवा मंडल द्वारा रविवार शाम 5 बजे एक कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 300 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में कांवड़ लिए और भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए महिलाएं लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट पहुंचीं। यात्रा का शुभारंभ लालबंगला से हुआ। महिलाएं धार्मिक गीतों और ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ती रहीं। पूरे रास्ते माहौल शिवमय बना रहा। मार्ग में स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कांवड़ यात्रियों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस यात्रा में सेवा मंडल की अध्यक्ष मोनिका कश्यप, महामंत्री शिवन्या श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष मीना वर्मा और कोषाध्यक्ष शिवानी राजपूत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। पदाधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और सामूहिक भक्ति का प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने सिद्धनाथ बाबा से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस धार्मिक यात्रा में बच्चों का उत्साह भी देखने को मिला। काजीखेड़ा निवासी चार वर्षीय आकृति यादव, जो एलकेजी की छात्रा है, भी यात्रा में शामिल हुई। आकृति ने बताया कि वह बाबा से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करने के लिए कांवड़ यात्रा में आई है। छोटी सी उम्र में धार्मिक उत्साह के साथ शामिल आकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। वहीं, लालबंगला निवासी रूबी पांडेय ने बाबा सिद्धनाथ की कृपा से यात्रा के मंगलमय होने और सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होने की कामना की। उन्होंने बाबा से परिवार की सुख-शांति और क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। लगभग पांच किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट पहुंचे। घाट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धा और भक्ति से सजी इस यात्रा ने जाजमऊ की धार्मिक फिजा को शिवमय कर दिया।




