झांसी में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। वह शनिवार को झांसी से गांव पहुंचा और फांसी लगा ली। जब बेटा स्कूल से घर लौटा तो पिता फंदे पर लटके थे। परिजनों ने कहा- युवक को कैंसर हो गया था। लगभग डेढ़ साल से उनका इलाज चल रहा था। अब पैसों की परेशानी हो रही थी। इसलिए वह परेशान था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला मोठ थाना क्षेत्र के भरोसा गांव का है। ग्वालियर में चल रहा था इलाज मृतक का नाम मनोज अहिरवार (33) पुत्र सुखनंदन था। वह मोठ के भरोसा गांव का रहने वाला था। उसके दो बेटे प्रिंस (16) और पीयूष (13) है। प्रिंस ने बताया- मेरी मां सीमा और छोटा भाई नंदनपुरा में किराए के कमरे में रहते हैं। पिता और मैं कमरे पर आते-जाते रहते थे। डेढ़ साल पहले पिता के मुंह में कैंसर हो गया था। तब से उनका ग्वालियर में इलाज चल रहा था। उसके अब पैसों को लेकर परेशानी हो रही थी। इसलिए पिता परेशान रहते थे। गांव जाकर फांसी लगाई बेटे प्रिंस ने आगे बताया- मैं गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता हूं। मैं 14 अगस्त को कमरे से गांव चला गया था। अगले दिन पिता भी आ गए। मैं स्कूल गया था। पीछे से पिता ने पंखे के कुंडी पर रस्सी से फंदा बनाया और झूल गए। जब मैं स्कूल से लौटकर आया तो पिता फंदे पर झूल रही थी। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। आज पुलिस पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवा रही है।




