नवोदय विद्यालय के खाने में मिला मरा मेंढक:महराजगंज में छात्रों ने किया हंगामा; अभिभावक भी पहुंचे, बोले- बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

महराजगंज के जवाहर नवोदय विद्यालय में रविवार सुबह बच्चों को परोसे गए भोजन में मरा हुआ मेंढक मिलने से हड़कंप मच गया। कक्षा 9 के एक छात्र की थाली में दाल के साथ मेंढक दिखाई दिया। इसे देखते ही छात्र घबरा गया और आसपास बैठे बच्चों को जानकारी दी। देखते ही देखते कई छात्र अपनी थालियां छोड़कर खड़े हो गए। भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर नाराज छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर स्कूल प्रशासन मौके पर पहुंचा और बच्चों को समझाकर शांत कराया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कुछ अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए और लापरवाही पर नाराजगी जताई। विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक करीब 100 बच्चे आवासीय रूप से पढ़ते हैं। बच्चों के लिए सुबह का भोजन स्कूल परिसर में ही तैयार किया जाता है। बताया गया कि रविवार सुबह करीब 9 बजे नाश्ते के बाद छात्रों को दाल, चावल और सब्जी परोसी गई थी। इसी दौरान कक्षा 9 के एक छात्र की थाली में दाल के अंदर मरा हुआ मेंढक दिखाई दिया। मेंढक देखते ही छात्र घबरा गया और उसने शोर मचा दिया। पास बैठे दूसरे छात्रों ने भी अपनी थालियां देखनी शुरू कर दीं। इसके बाद बच्चों में नाराजगी बढ़ गई। कई छात्रों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और भोजन की गुणवत्ता को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। वाइस प्रिंसिपल पहुंचे, बच्चों को समझाकर कराया शांत छात्रों के हंगामे की जानकारी मिलते ही विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें समझाकर शांत कराया। स्कूल प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य की भी जांच कराई। वाइस प्रिंसिपल दीपक कुमार ने बताया कि बच्चों के भोजन में दाल, चावल और सब्जी बनी थी। एक छात्र की थाली में मेंढक मिलने की शिकायत सामने आई है। मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, सभी बच्चे फिलहाल स्वस्थ हैं।
अभिभावक बोले- नवोदय जैसे स्कूल में ऐसी लापरवाही कैसे हुई? घटना की जानकारी मिलते ही कुछ अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। अभिभावकों का कहना था कि नवोदय विद्यालय में बच्चों के खाने की जिम्मेदारी गंभीर मामला है। यहां भोजन की साफ-सफाई और गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अभिभावकों ने कहा कि यदि मामले की सही तरीके से जांच नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। उनका कहना था कि बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पहले से जांचा जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मेंढक भोजन तैयार करते समय दाल में गिरा या भोजन परोसने से पहले सफाई और जांच के दौरान लापरवाही हुई। जांच के बाद ही इसकी वास्तविक वजह सामने आएगी। घटना के बाद स्कूल की भोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर आवासीय विद्यालय में जहां बच्चे दिन-रात परिसर में रहते हैं, वहां भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की नियमित निगरानी जरूरी है। अब देखना होगा कि जांच में लापरवाही किस स्तर पर सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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