गोंडा में 5 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजन उसका अंतिम संस्कार कर चुके थे, लेकिन एक तांत्रिक के झांसे में आकर उन्होंने कब्र खोदकर शव बाहर निकाल लिया। तांत्रिक ने बच्चे को दोबारा जिंदा करने का दावा किया था। बच्चे को जीवित देखने की उम्मीद में परिजन तांत्रिक के झांसे में आ गए। परिजन शनिवार को कब्र खोदकर शव बाहर निकाल लिया। इसके बाद शव को नहलाकर तांत्रिक की दी हुई जड़ी-बूटी पिलाई गई। काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों ने शव को दोबारा दफना दिया। मामला छपिया थाना क्षेत्र के अगयामाफी गांव का है। पढ़िए पूरा मामला… 14 अगस्त को हुई थी बच्चे की मौत अगयामाफी गांव निवासी जयप्रकाश के पांच वर्षीय पुत्र सत्यम की 14 अगस्त की दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) छपिया लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने बस्ती के मखौड़ा धाम में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। तांत्रिक के दावे पर भरोसा कर पहुंचे खलीलाबाद परिजनों को बाद में खलीलाबाद के एक तांत्रिक के बारे में जानकारी मिली, जिसने मृत बच्चे को दोबारा जीवित करने का दावा किया। बेटे को फिर से देखने की उम्मीद में परिवार तांत्रिक के पास पहुंचा। बताया गया कि तांत्रिक ने उन्हें एक जड़ी-बूटी दी और शव को बाहर निकालकर उसे पिलाने की सलाह दी। कब्र खोदकर निकाला शव, पिलाई जड़ी-बूटी तांत्रिक के दावे पर भरोसा कर परिजनों ने 15 अगस्त को कब्र खोदकर बच्चे का शव बाहर निकाला। शव को नहलाने के बाद जड़ी-बूटी पीसकर उसे पिलाई गई। परिजन काफी देर तक बच्चे के शरीर में किसी हलचल का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। जब बच्चे के शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, तब परिजनों को तांत्रिक के दावे के झूठा होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बच्चे के शव को दोबारा दफना दिया। बेटे को सांप के काटने की आशंका सत्यम (मृतक) के पिता जय प्रकाश ने बताया कि 14 अगस्त को बेटे को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद कुछ लोगों के कहने पर वह खलीलाबाद निवासी एक तांत्रिक के पास पहुंचे। उन्हें आशंका थी कि कहीं उनके बेटे को सांप ने तो नहीं काट लिया था। जय प्रकाश के मुताबिक, तांत्रिक ने उन्हें जड़ी-बूटी देकर कहा कि इसे बच्चे को पिला देना। एक-दो घंटे में वह ठीक हो जाएगा। तांत्रिक ने कहा कि पहले कब्र खोदकर शव को बाहर निकालना और फिर जड़ी-बूटी पिलाना। उसने दावा किया कि जड़ी-बूटी पिलाने के 10-15 मिनट बाद बच्चे को उल्टी होगी और उसे होश आ जाएगा। इसके बाद बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने की बात कही। परिजनों ने तांत्रिक की बात पर भरोसा कर कब्र खोदकर शव बाहर निकाला और उसके बताए अनुसार जड़ी-बूटी पिलाई। हालांकि, काफी देर इंतजार के बाद भी बच्चे में जीवन के कोई संकेत नहीं दिखे। इसके बाद परिजनों ने शव को दोबारा दफना दिया। सत्यम चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह परिवार में सबसे छोटे बच्चों में से एक था। जय प्रकाश टेरवा बाजार में फुटपाथ पर ठेला लगाकर पानीपुरी और मटर बेचते हैं। डॉक्टर बोले- इलाज के दौरान हुई थी मौत सीएचसी छपिया के अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि सत्यम को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। थानाध्यक्ष छपिया प्रबोध कुमार ने बताया- मामला पुलिस के संज्ञान में है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चे को दौरे की बीमारी थी। परिजनों की ओर से मामले में कार्रवाई के लिए अभी कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। ————————– ये भी पढ़िए… ‘जहर इतना कम कर देंगे कि नशा होगा, मौत नहीं’:70 हजार में सांप के डंक का नशा, डिमांड पर क्लबों में होते हैं सप्लाई फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव पर नोएडा की पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर के इस्तेमाल का आरोप लगा। सवाल उठा कि क्या यूपी में स्नेक बाइट यानी सांप के जहर का नशा किया जा रहा? अगर हां, तो लोग इस जानलेवा नशे की तरफ क्यों जा रहे? इसका नेटवर्क कितना बड़ा है? दैनिक भास्कर ने नशे के इस कारोबार और बढ़ते ट्रेंड को एक्सपोज करने के लिए इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। हमारे रिपोर्टर नोएडा और दिल्ली-NCR के कई क्लबों में गए। नशा करने वालों से जान-पहचान बढ़ाई। हमें इनपुट मिला कि दिल्ली-NCR में स्नेक बाइट पार्टियां बढ़ रही हैं, जिनमें यूपी के युवा भी पहुंच रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…




