बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र में पिता अपने बेटे को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गया। डंडे से बाघ की पिटाई करने पर जोर-जोर से गुर्राने लगा, फिर भी पिता के कदम पीछे नहीं हटे। इसे देखकर बाघ वन क्षेत्र की ओर भाग गया। हमले में बेटे के कंधे और हाथ में पंजों के निशान हैं। घायल बेटे को तत्काल ग्राम प्रधान पति ने अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया। मामला शनिवार सुबह 8 बजे सहानपुर रेंज का है। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की सलाह दी है। जानिए पूरा मामला… मोथला उर्फ नीम वाली वन क्षेत्र में रहने वाले पशुपालक रफी (33) पिता गुलाम नबी शनिवार को गाय-भैंस चराने के लिए निकले थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। रफी खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। वन क्षेत्र के पास में स्थित डेरे से पिता गुलाम नबी दौड़कर पहुंचे, तो बाघ को मौके पर हमलावर पाया। पिता डंडा लेकर बाघ से करीब 5 मिनट तक लड़ता रहा। बाघ भी तेज आवाज में गुर्राता रहा। पिता ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी, उसे डंडे से पीटता रहा। इससे डरकर बाघ जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, हमले में बेटा रफी हाथ और कमर पर घायल हो गया। शरीर से खून निकलते देख तुरंत घटना की जानकारी स्थानीय ग्राम प्रधान हरविंदर कौर पति नरवेल सिंह को दी गई। मौके पर ग्राम प्रधान पति पहुंचकर घायल रफी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी विकास कुमार और वन दरोगा मोहित कुमार मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षा बरतने की सलाह दी।




