प्रतापगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा (32) का 4 दिन बाद रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। 4 माह की बेटी को गोद में लेकर पत्नी आंचल शव से लिपट गई। चिल्लाती रही- इन्हें मत ले जाओ। मां हीरावती भी ‘’मेरा लल्ला” बोलते हुए फफक पड़ीं। रिश्तेदारों ने किसी तरह आंचल और हीरावती को हटाया। शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। सौरभ की गुरुवार रात पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मौत से पहले उसने वीडियो पर बयान दिया था। इसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 6 हमलावरों के नाम बताए थे। सौरभ आपूर्ति विभाग में था। वारदात जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर लीलापुर थाना क्षेत्र में हुई थी। परिजन 4 दिनों से शव को रखकर आरोपियों पर एक्शन की मांग पर अड़े हुए थे। सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस और लोकजन सोशलिस्ट पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा के बीच कहासुनी हो गई। डॉ. वीरेंद्र परिवार को पैसे देने की बात कह रहे थे। इस पर लीलापुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सिंह ने डॉ. वीरेंद्र के कंधे पर पड़ा गमछा उतारकर जमीन पर रख दिया। कहा- कितने पैसे दोगे, दो। लोगों के बीच-बचाव पर मामला शांत हुआ। भाजपा नेता और पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। सौरभ की एक साल पहले शादी हुई थी। अंतिम सफर की 2 तस्वीरें… विधायक, भाजपा नेता भी बात करने पहुंचे, चंद्रशेखर ने वीडियो कॉल की रविवार करीब 8 बजे विश्वनाथगंज विधायक जीतलाल पटेल परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद विधायक वहां से लौट गए। सुबह करीब 10 बजे भाजपा नेता बिंदेश्वरी तिवारी और पुलिस-प्रशासन ने एक बार फिर से परिजनों से बात की और आश्वासन दिया। परिजनों की सहमति के बाद सौरभ के शव को अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन से श्रृंगवेरपुर घाट ले जाया गया। चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो कॉल पर की बात इससे पहले शनिवार शाम आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए सौरभ के परिजनों से बातचीत की थी। उन्होंने परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया और घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात करने की बात कही। वहीं, लोकजन सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा भी सौरभ के परिजनों से मिलने उनके घर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर जाने से रोक दिया। इन 6 मांगों पर रुका था अंतिम संस्कार सौरभ के परिवार ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके अलावा आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, उनके सरकारी सस्ते गल्ले के लाइसेंस रद्द करने, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने, परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने और पत्नी के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग रखी थी। अब जानिए 14 अगस्त को कैसे हुई थी सौरभ की हत्या– लीलापुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर सिंधौर गांव निवासी मोतीलाल विश्वकर्मा के 30 वर्षीय बेटे सौरभ विश्वकर्मा लालगंज के पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। गुरुवार रात सौरभ बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मणपुर के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। हमले में सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मरने से पहले सौरभ ने बताया- 8-10 लोगों ने लाठी-डंडों से पीटा इलाज के दौरान सौरभ ने परिजनों को बताया था कि दरोगा तिवारी, उनके भाई बड़े तिवारी के बेटे समेत 8-10 लोगों ने उसे घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। सौरभ के मुताबिक, आरोपियों ने उसकी गर्दन पर बंदूक की बट से भी वार किया और पैर तोड़ दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप- 4 महीने पहले भी घर पर हुई थी फायरिंग परिजनों ने आरोप लगाया कि सौरभ और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उनके मुताबिक, संजय उर्फ बड़े तिवारी लक्ष्मणपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख हैं, जबकि उनके भाई सोनू तिवारी कोटेदार हैं। राशन कार्ड से जुड़े एक काम को पास नहीं करने को लेकर आरोपियों ने सौरभ के परिवार से रंजिश मान ली थी। परिजनों का दावा है कि करीब चार महीने पहले भी आरोपियों ने उनके घर पर 6-7 राउंड फायरिंग की थी। उस घटना के बाद से परिवार को लगातार खतरा बना हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते सौरभ को रास्ते में घेरकर हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। 6 पर मुकदमा, 3 गिरफ्तार, कोटे की दुकान भी सील घटना के बाद मृतक के पिता ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय उर्फ बड़े तिवारी, उनके बेटे सौरभ तिवारी, दरोगा तिवारी, सोनू, अनुज और अशोक तिवारी समेत छह अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। शुक्रवार सुबह मुख्य आरोपी अवधेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस ने सौरभ तिवारी और मिंटू उपाध्याय को भी गिरफ्तार किया। उधर, प्रशासन ने घटना में शामिल आरोपियों से संबंधित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर भी कार्रवाई की। जांच में अनियमितता और खाद्यान्न कम पाए जाने के बाद एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह ने डांडी ग्राम सभा की कोटे की दुकान को निलंबित कर सील कर दिया। जिला पूर्ति विभाग ने भी आरोपी से संबंधित कोटे को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान सीओ लालगंज राजीव द्विवेदी मौजूद रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़िए… तेज रफ्तार कार पलटी, दो मामा, भांजे की मौत:100 की स्पीड, अचानक ब्रेक लगाए, कई बार पलटी; नोएडा से उन्नाव जा रहे थे
यूपी के हाथरस में हुए एक भीषण सड़क हादसे में भांजे और उसके दो सगे मामाओं की मौत हो गई। ढाई साल के बच्चे समेत 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रविवार देर रात एक ही परिवार के 7 लोग होंडा ब्रियो कार से नोएडा से उन्नाव जा रहे थे। अलीगढ़-एटा हाईवे पर करीब 2:50 बजे अचानक एक अन्य कार सामने आ गई। ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे कार बेकाबू होकर पलट गई। पूरी खबर पढ़ें…




