उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर सुल्तानपुर शहर के पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संत समाज और सरकार के बीच चल रहे विवाद पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि संत और सरकार के बीच टकराव ठीक नहीं है, इससे किसी का भला नहीं होगा।
मंत्री राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कहा कि उन्हें गंगा स्नान कर अपने घर लौट जाना चाहिए और मंदिर में पूजा-पाठ करना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता VIP कल्चर खत्म करने की मांग कर रही है, इसलिए अब किसी को भी विशेष प्रोटोकॉल नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में कानून का राज है और कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता।
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई। सांस्कृतिक दलों, स्कूली छात्राओं और संस्कृति विभाग से जुड़े कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को घर की चाबियां सौंपी गईं, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए गए और एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की गई।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह committed है और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता—खानपान, वेशभूषा और आचार-विचार—हमारी पहचान है।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले को लेकर उन्होंने कहा कि श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आ रहे हैं, ऐसे में किसी तरह की बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।
शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना-अपना नजरिया होता है, लेकिन व्यवस्था और कानून सर्वोपरि है।




