लंभुआ क्षेत्र में स्थित बाबा जनवारीनाथ धाम एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सोमवार की शाम यहां 146वीं साप्ताहिक मंगल आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। संध्या ढलते ही धाम परिसर में भक्तों की आवाजाही बढ़ने लगी और कुछ ही देर में पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
खुले गर्भगृह में आयोजित इस आरती के दौरान ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगातार गूंजते रहे। लगभग पौने दो घंटे तक चले इस आयोजन में भक्तों ने पूरी श्रद्धा और धैर्य के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। विद्वान पुरोहितों द्वारा विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया, जिसके बाद प्रसाद वितरण हुआ।
बाबा जनवारीनाथ धाम सेवा संस्थान ट्रस्ट की ओर से हर सोमवार को होने वाली यह साप्ताहिक आरती अब क्षेत्र की एक नियमित धार्मिक परंपरा बन चुकी है। इस बार की आरती में मुख्य यजमान और पुरोहित के रूप में पं. विपिन शुक्ल और तेजस बरनवाल ने पूजा की अगुवाई की। पूजन की शुरुआत भगवान गणेश और नंदी महाराज की आराधना से की गई।
इसके बाद बाबा जनवारीनाथ का दूध, दही और पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात बाबा का सुंदर श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रुद्राष्टक के सस्वर पाठ के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और आरती के समय हर चेहरे पर श्रद्धा की झलक दिखाई दी।
मुख्य आचार्य पं. रवि शंकर शुक्ल के साथ पं. राहुल तिवारी और पं. सौरभ मिश्र की टोली ने सामूहिक रूप से शिव आरती का पाठ किया। इस अवसर पर ट्रस्ट से जुड़े गया प्रसाद मिश्र, संदीप गुप्ता, विनय बरनवाल, आशीष बरनवाल, शिवम बरनवाल, सेमन्तक मिश्र, राम भारत मिश्र और शोभनाथ मिश्र सहित अनेक शिव भक्त मौजूद रहे।
आरती में शामिल श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा जनवारीनाथ धाम की साप्ताहिक आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक सुकून का माध्यम बन गई है। हर सोमवार यहां पहुंचकर लोग अपनी दिनचर्या की थकान और तनाव भूल जाते हैं।




