राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपी
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित पहली विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं किया गया है।
गृह विभाग ने यह रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी है। इस रिपोर्ट को 2 सितंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा।
चढ़ावा चोरी मामले में क्यों बनी थी SIT?
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने राज्य सरकार से SIT जांच की मांग की थी। इसके बाद 13 जून 2026 को सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया।
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली इस SIT में आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
पहली SIT की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में गिनती कक्ष से नकदी चोरी के कई मामले सामने आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच की CCTV फुटेज में करीब 70 बार कर्मचारियों द्वारा नकदी छिपाकर ले जाने जैसी गतिविधियां दर्ज हुईं।
जांच में यह भी पाया गया कि राम मंदिर ट्रस्ट और SBI की संयुक्त कार्यप्रणाली का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था। गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की नियमित तलाशी भी नहीं ली जाती थी।
8 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR
पहली SIT की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी SIT कर रही जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी SIT इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अदालत ने जांच की कमान वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपने और वित्तीय विशेषज्ञ को शामिल करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद 20 जुलाई को नई SIT का गठन किया गया, जिसमें आईजी लखनऊ रेंज किरण एस, डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया।
दूसरी SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पहली SIT की रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने के बाद अब सभी की नजर दूसरी SIT की जांच और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर है। माना जा रहा है कि आगे की जांच में मामले से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: अब तक की प्रमुख बातें
- 13 जून 2026 को पहली SIT का गठन हुआ।
- 23 जून को प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई।
- 25 जून को 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
- CCTV फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं।
- 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी SIT गठित हुई।
- फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं है।
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