Unnao Case एक बार फिर सुर्खियों में है। मामला इस वक्त Supreme Court में है और दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। इस बीच, 2017 के बाद पहली बार Kuldeep Sengar का परिवार खुलकर सामने आया है। पहले छोटी बेटी Ishita Sengar ने पिता को निर्दोष बताया था, अब बड़ी बेटी Aishwarya Sengar ने भी चुप्पी तोड़ी है।
Aishwarya ने कहा,
“अगर एक भी पुख्ता सबूत है, तो मेरे पिता ही नहीं, मुझे भी फांसी दे दीजिए।”
“हमारी बात कभी सुनी ही नहीं गई”
Aishwarya का कहना है कि इतने सालों तक उन्हें लगा कि judiciary पर भरोसा ही सबसे सही रास्ता है, इसलिए मीडिया के सामने आने की जरूरत नहीं पड़ी।
लेकिन जब उन्होंने देखा कि एक ही पक्ष की बात पूरे देश में सच मान ली गई, तब उन्हें लगा कि अब अपनी बात रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वह खुद law graduate हैं और जानती हैं कि POCSO cases में conviction तभी संभव है, जब पीड़िता का बयान “sterling quality” का हो।
“इस केस में बयान बार-बार बदले गए। पहले दोपहर 2 बजे, फिर शाम 6 बजे और FIR में रात 8–8:30 बजे का समय लिखा गया।”
उनका दावा है कि उस वक्त उनके पिता किसी और जगह मौजूद थे और CBI chargesheet में भी उनकी location अलग बताई गई है।
“Accident था, murder नहीं”
पीड़िता के परिवार से जुड़ी मौतों को लेकर Aishwarya ने कहा कि
“कहा गया कि ट्रक ने 11 बार टक्कर मारी — ये कैसे possible है?”
उनका कहना है कि CBI report में इसे accident बताया गया था और इस मामले में उनके पिता को बरी भी किया जा चुका है।
“हम चाहते हैं कि पीड़िता और उसके परिवार को पूरी security मिले, लेकिन सिर्फ आरोप लगाकर किसी की जिंदगी आठ साल तक बर्बाद करना भी न्याय नहीं है।”
“Media trial में हम हार गए”
Aishwarya का आरोप है कि media trial की वजह से उनके परिवार को लगातार नुकसान हुआ।
“इतने साल बाद भी अगर हम निर्दोष साबित होते हैं, तो जो वक्त, जो जिंदगी गई — उसका जवाब कौन देगा?”
उनका कहना है कि जांच के दौरान ही यह सामने आ गया था कि पीड़िता की उम्र से जुड़े documents disputed थे, फिर भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुरानी रंजिश का आरोप
Aishwarya ने दावा किया कि यह पूरा विवाद साल 2000 से चली आ रही राजनीतिक और पंचायत चुनाव की रंजिश से जुड़ा है।
उनका कहना है कि शुरू में दर्ज केस में उनके पिता का नाम ही नहीं था, बाद में पंचायत और राजनीतिक दबाव के बाद मामला बदला गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता का परिवार politically active रहा है और बाद में कांग्रेस से जुड़ा।
अब परिवार क्या चाहता है?
Aishwarya ने कहा,
“हम बस इतना चाहते हैं कि बिना किसी दबाव के fair hearing हो। हम Supreme Court जाएंगे। हमारे facts मजबूत हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि
“अगर High Court के फैसले से पीड़िता संतुष्ट नहीं थीं, तो legal route की बजाय India Gate पर धरना क्यों?”
“पीड़िता को भी पूरी सुरक्षा मिले”
Aishwarya ने साफ कहा कि उनका परिवार भी यही चाहता है कि पीड़िता और उसके परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह का आरोप या अनहोनी न हो।
“कम से कम हमारी बात भी सुनी जाए। अगर facts सही न लगें, तो आप दूसरे पक्ष के साथ खड़े हो जाइए — लेकिन बिना सुने फैसला मत कीजिए।”
🔎 Case Brief (Quick Recap)
- 2017: नाबालिग द्वारा दुष्कर्म का आरोप
- April 2018: CBI जांच शुरू, Kuldeep Sengar गिरफ्तार
- Dec 2019: दोषी करार, उम्रकैद
- March 2020: पीड़िता के पिता की मौत के मामले में 10 साल की सजा
- अब: मामला Supreme Court में विचाराधीन




