उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुल्तानपुर में सोमवार तड़के एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी बदमाश को ढेर कर दिया। मारा गया बदमाश लखीमपुर खीरी जिले का रहने वाला था और लंबे समय से पुलिस की रडार पर बना हुआ था।
जानकारी के अनुसार, यह एनकाउंटर लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के दियरा मोड़ के पास उस समय हुआ, जब एसटीएफ और पुलिस की टीम सुल्तानपुर–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चेकिंग और पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस और एसटीएफ की टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान तालिब उर्फ आजम खान (26) के रूप में हुई है। वह लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र स्थित गौरिया गांव का निवासी था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तालिब उर्फ आजम खान पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि बदमाश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। लखीमपुर खीरी सहित अन्य जिलों में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पूरे क्रिमिनल रिकॉर्ड की गहनता से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है और उसका नेटवर्क किन जिलों तक फैला हुआ था।
इस एनकाउंटर के बाद सुल्तानपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा। एसटीएफ और पुलिस की इस कार्रवाई को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।




