सुलतानपुर। जिले में बीते एक महीने से जारी कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है। शनिवार को मौसम ने एक बार फिर खतरनाक करवट ली। शुक्रवार देर रात पाला गिरने के बाद शनिवार सुबह पूरे इलाके में घना कोहरा छा गया, जिससे सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई।
सुबह के समय हालात इतने खराब रहे कि वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। कई जगहों पर सड़कें लगभग दिखाई नहीं दे रही थीं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहा। कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
दोपहर के समय जब धूप निकली, तब जाकर लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। लेकिन किसानों के लिए राहत के बजाय चिंता बढ़ गई। खेतों में पाले की सफेद चादर नजर आई, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। खासकर सब्जी और दलहनी फसलों पर पाले का असर साफ दिखा।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
लगातार बदलते मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुलतानपुर में ठंड अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि खतरे का संकेत बनती जा रही है। प्रशासन और नागरिकों—दोनों के लिए सतर्कता अब विकल्प नहीं, मजबूरी है।




