बरेली का मशहूर झुमका अब शहर की पहचान बन चुका है। दिल्ली रोड पर लगा विशाल झुमका सिर्फ एक लैंडमार्क नहीं, बल्कि एक दिलचस्प किस्से की निशानी है। इसकी कहानी अमिताभ बच्चन के पिता और महान कवि हरिवंश राय बच्चन और उनकी मां तेजी बच्चन की प्रेम कहानी से जुड़ा है। कहा जाता है कि बरेली में हुई एक मुलाकात ने इस रिश्ते की शुरुआत की। आगे चलकर इसी किस्से से ‘झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में’ गाने की प्रेरणा जुड़ी। आज यही झुमका बरेली आने वालों के लिए सेल्फी और रील का पसंदीदा स्पॉट बन चुका है। हरिवंश राय बच्चन बरेली आए, तेजी सूरी से हुई मुलाकात
इस कहानी की शुरुआत साल 1941 के आसपास होती है। हरिवंश राय बच्चन अपने बरेली के मित्र ज्योति प्रकाश जौहरी के घर शादी में आए थे। इसी दौरान लाहौर से तेजी सूरी भी वहां पहुंचीं। हरिवंश राय बच्चन और तेजी सूरी के बीच बातचीत हुई और यह मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। बाद में यही तेजी सूरी अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन बनीं। तेजी की पहले से हुई थी सगाई
किस्से के मुताबिक, उस समय तेजी सूरी की सगाई इंग्लैंड के एक व्यापारी से हुई थी। लेकिन हरिवंश राय बच्चन से मुलाकात के बाद तेजी उनके प्रेम में पड़ गईं और उन्होंने अपनी सगाई तोड़ दी। इसके बाद दोनों के रिश्ते ने आगे का सफर तय किया। बरेली के बाजार में गिरा था झुमका
कहा जाता है कि मुलाकात के अगले दिन तेजी सूरी बरेली शहर घूमने निकलीं। इसी दौरान उनका करीब डेढ़ तोले का सोने का झुमका “बड़ा बाजार” में गिर गया। शाम को तेजी लाहौर लौट गईं और हरिवंश राय बच्चन इलाहाबाद चले गए। यह झुमका बाद में दोनों की प्रेम कहानी का ऐसा हिस्सा बना, जिसे लोग आज भी बरेली से जोड़कर याद करते हैं। एक मजाकिया जवाब ने लिख दी गीत की कहानी
कुछ समय बाद एक कार्यक्रम में राजा मेहंदी अली खान की मुलाकात तेजी सूरी से हुई। बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आप दोनों शादी कब कर रहे हैं? तेजी ने जवाब दिया- “मेरा झुमका तो बरेली के बाजार में ही गिर गया था, पहले वो तो मिल जाए।” तेजी का यह जवाब राजा मेहंदी अली खान को इतना पसंद आया कि यह पंक्ति उनके जेहन में बस गई। बाद में इसी किस्से को आधार बनाकर उन्होंने मशहूर गीत की रचना की। 1966 में ‘मेरा साया’ से अमर हुआ झुमका
साल 1966 में फिल्म ‘मेरा साया’ रिलीज हुई। इसी फिल्म में ‘झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में’ गीत शामिल किया गया। गीतकार राजा मेहंदी अली खान, संगीतकार मदन मोहन और गायिका आशा भोसले की तिकड़ी ने इसे यादगार बना दिया। अभिनेत्री साधना पर फिल्माए गए इस गीत ने देशभर में धूम मचा दी। फिल्म में बरेली नहीं था, फिर भी शहर मशहूर हो गया
दिलचस्प बात यह है कि ‘मेरा साया’ की कहानी का बरेली से कोई सीधा संबंध नहीं था। लेकिन गीत में बरेली का नाम आते ही शहर की पहचान इस गाने से जुड़ गई। लोग बरेली को ‘झुमका सिटी’ कहने लगे। गीत इतना लोकप्रिय हुआ कि बरेली का नाम देशभर में लोगों की जुबान पर आ गया। हरिवंश राय बच्चन की दूसरी शादी तेजी से हुई
हरिवंश राय बच्चन की पहली शादी श्यामा बच्चन से हुई थी। वर्ष 1936 में बीमारी के कारण श्यामा का निधन हो गया था। इसके बाद हरिवंश राय बच्चन ने तेजी सूरी से शादी की। दोनों की प्रेम कहानी आगे चलकर अमिताभ बच्चन के परिवार की कहानी का अहम हिस्सा बनी। 54 साल बाद रील का झुमका जमीन पर उतरा
गीत की लोकप्रियता के दशकों बाद बरेली ने इस फिल्मी पहचान को वास्तविक रूप देने का फैसला किया। वर्ष 2020 में बरेली विकास प्राधिकरण ने दिल्ली-बरेली रोड पर परसाखेड़ा जीरो पॉइंट के पास विशाल झुमका स्थापित कराया। यह स्थान बाद में ‘झुमका तिराहा’ के नाम से मशहूर हो गया। झुमके की ऊंचाई करीब 20 फीट है। अब झुमका तिराहा बना सेल्फी और रील स्पॉट
आज झुमका तिराहा बरेली आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बन चुका है। यहां स्थानीय लोगों के साथ युवा और कंटेंट क्रिएटर्स भी पहुंचते हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में लोग झुमके के साथ फोटो, रील और वीडियो बनाते नजर आते हैं। यूनिस खान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि यह जगह अब बरेली की पहचान बन चुकी है। लोगों को झुमका तिराहा देखने और यहां वीडियो बनाने में खास दिलचस्पी रहती है। वहीं युवा सैफ ने बताया कि शाम 7 से 8 बजे के बाद यहां युवाओं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की भीड़ बढ़ जाती है। युवाओं के लिए ब्लॉगिंग और रील्स का नया ठिकाना
झुमका तिराहा अब सिर्फ शहर का लैंडमार्क नहीं रहा। युवा यहां दोस्तों के साथ ब्लॉगिंग और वीडियो शूट करने पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह जगह धीरे-धीरे बरेली के नए मनोरंजन और सोशल मीडिया हब के रूप में भी पहचान बना रही है। ODOP से झुमके को मिल रही नई पहचान
बरेली के पारंपरिक झुमके और आभूषण कारीगरी को उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना से भी बढ़ावा मिला है। इससे स्थानीय कारीगरों और झुमका कारोबार को बड़े बाजार तक पहुंचने का मौका मिला है। 2023 में फिर लौटा ‘झुमका’ का जादू
साल 2023 में ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ फिल्म में ‘What Jhumka?’ गाना आया। इस गाने ने 1966 के ‘झुमका गिरा रे’ की याद को नए अंदाज में फिर ताजा कर दिया। आलिया भट्ट और रणवीर सिंह पर फिल्माए गए इस गाने ने नई पीढ़ी के बीच भी झुमके और बरेली की चर्चा छेड़ दी। बरेली की पहचान में आज भी जिंदा है झुमका
एक तरफ बच्चन परिवार की प्रेम कहानी, दूसरी तरफ राजा मेहंदी अली खान का लिखा गीत और तीसरी तरफ 2020 में बना विशाल झुमका। इन तीनों ने मिलकर बरेली के झुमके को एक अलग पहचान दे दी है। करीब आठ दशक पुराने इस किस्से ने शहर को बॉलीवुड की यादों से जोड़ दिया और आज झुमका तिराहा बरेली की तस्वीर का हिस्सा बन चुका है। 2025 में एक करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
बरेली ने वर्ष 2025 में एक करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटकों को आकर्षित किया। नाथ कॉरिडोर समेत शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक आकर्षणों के बीच झुमका तिराहा भी बरेली की पहचान वाला प्रमुख लैंडमार्क बना हुआ है। एक पंक्ति, जिसने बरेली को दे दी नई पहचान
“झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में…” यह सिर्फ एक फिल्मी गीत की पंक्ति नहीं है। इसके पीछे एक प्रेम कहानी का किस्सा है, जिसने दशकों बाद पूरे शहर की पहचान बदल दी। आज बरेली आएं तो लोग झुमका जरूर देखने जाते हैं। कोई फोटो खिंचाता है, कोई रील बनाता है और कोई उस पुराने किस्से को याद करता है कि आखिर वह झुमका गिरा कहां था।



