राष्ट्रवादी निर्माण दल की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट की। पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी ने कहा कि दल प्रदेश में ब्राह्मण समाज की राजनीतिक भागीदारी को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन मजबूत कर रही है और आगामी चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने के साथ जनसभाएं भी करेगी। भाजपा सरकार पर साधा निशाना श्रीकांत त्यागी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बुलडोजर की राजनीति का असर अब अलग-अलग समाजों तक पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मस्जिदों पर बुलडोजर चला और बाद में मंदिर भी इसकी जद में आए। गाजियाबाद में भगवान परशुराम मंदिर तोड़े जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी निर्माण दल ने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर की पुनर्स्थापना की दिशा में काम किया जा रहा है। ब्राह्मणों की राजनीतिक भागीदारी को बनाया चुनावी मुद्दा त्यागी ने कहा कि राष्ट्रवादी निर्माण दल किसी एक घटना या प्रकरण को लेकर आंदोलन नहीं कर रहा है, बल्कि प्रदेश में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी की लड़ाई लड़ रहा है। उनके मुताबिक सत्ता में भागीदारी मिलने पर ही समाज के हितों के लिए प्रभावी तरीके से काम किया जा सकता है। ब्राह्मणों को साधने की विपक्षी दलों की कोशिशों पर उन्होंने सपा के पीडीए का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण एक जाति है, जबकि पंडित एक उपाधि है। उनका दावा है कि पीडीए में ब्राह्मण समाज की राजनीतिक भागीदारी को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया है। परशुराम जयंती की छुट्टी खत्म करने का मुद्दा उठाया श्रीकांत त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार ने भगवान परशुराम जयंती पर मिलने वाला अवकाश समाप्त किया था। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रवादी निर्माण दल ने इसके खिलाफ आंदोलन और पत्राचार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी आने वाले समय में भगवान परशुराम के नाम और प्रतीक को प्रमुखता से रखते हुए ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को उठाएगी। गांव-गांव संगठन मजबूत करने की तैयारी त्यागी ने बताया कि पार्टी ने विभिन्न जिलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति की है और विधानसभा स्तर पर चुनावी तैयारी शुरू कर दी गई है। अब पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करेंगे। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन विस्तार, प्रत्याशी चयन और जनसभाओं की रणनीति पर भी चर्चा की गई। विचारधारा से सहमत दल से गठबंधन पर विचार विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन के सवाल पर श्रीकांत त्यागी ने कहा कि जो दल उनकी विचारधारा के साथ चलने में हिचकिचाएगा नहीं और ब्राह्मण समाज के सम्मान व राजनीतिक भागीदारी को लेकर गंभीर होगा, उसके साथ गठबंधन पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज की आबादी के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी देने वाले दल के साथ हाथ मिलाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। खतौली उपचुनाव का उदाहरण देकर 2027 का दावा अपने राजनीतिक प्रभाव के उदाहरण के तौर पर श्रीकांत त्यागी ने खतौली विधानसभा उपचुनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि खतौली क्षेत्र में त्यागी-ब्राह्मण समाज के करीब 25 हजार वोट हैं और चुनाव से पहले राष्ट्रवादी निर्माण दल ने इन वोटों को एकजुट करने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में भाजपा के पक्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई बड़े नेताओं ने प्रचार किया था। इसके बावजूद उनके अनुसार पार्टी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए भाजपा के खिलाफ चुनावी माहौल बनाया। त्यागी ने दावा किया कि उनके आह्वान का असर चुनाव परिणाम में दिखाई दिया और भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया और दावा किया कि खतौली क्षेत्र में पार्टी के बताए राजनीतिक प्रभाव का असर आगे भी दिखाई दिया। बोले- 2027 में परिणाम भी देंगे श्रीकांत त्यागी ने कहा कि पहले उनका समाज अलग-अलग राजनीतिक दलों को मजबूरी में वोट देता था, लेकिन अब राष्ट्रवादी निर्माण दल के रूप में अपना राजनीतिक विकल्प मौजूद है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव में संगठन खड़ा कर रहे हैं और विधानसभा चुनाव-2027 में इसका परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “2027 में आपको परिणाम भी देंगे।” पार्टी ने बैठक के दौरान आगामी चुनाव को लेकर संगठन विस्तार, संभावित प्रत्याशियों और जनसभाओं की रूपरेखा पर भी मंथन किया।




