West Bengal में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सियासी बवाल दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। एक तरफ SIR camps में पहुंचे मतदाता अपने नामों को लेकर confused और anxious नजर आए, वहीं दूसरी तरफ TMC MP Abhishek Banerjee ने Election Commission of India (ECI) पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “WhatsApp Commission” तक कह दिया।
राज्य में शनिवार से SIR hearing process शुरू हो गई है। पहले चरण में करीब 32 लाख voters को “unknown” की category में डाला गया है, जिसके बाद पूरे बंगाल में हजारों लोग सुनवाई शिविरों में पहुंच रहे हैं।
SIR camp में voters की बढ़ी चिंता
उत्तर 24 परगना के Barasat की रहने वाली Ankita Mukherjee, जो Chennai में software professional हैं, को नाम की spelling mismatch के कारण नोटिस मिला। उन्हें छुट्टी लेकर गांव आना पड़ा। Ankita का कहना है कि उन्होंने पहले भी Lok Sabha और Assembly elections में vote किया है और उन्हें भरोसा है कि final list में नाम रहेगा।
ऐसी ही परेशानी कई senior citizens को भी झेलनी पड़ी।
- 75 साल के एक बुजुर्ग को सिर्फ surname की spelling difference के कारण बुलाया गया
- Birbhum के Bolpur में 62 वर्षीय Soumitra Mitra को 2002 से पहले के records न होने पर दिक्कत आई
कई बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि उन्होंने Aadhaar, Voter ID, Ration Card जैसे सारे documents जमा किए, फिर भी उन्हें समझ नहीं आ रहा कि hearing के लिए क्यों बुलाया गया।
Election Commission के मुताबिक, पहले दिन राज्यभर में 3234 centres पर सुनवाई हुई।
Draft voter list में 58 लाख नाम कटे
SIR के बाद 16 दिसंबर को जारी draft voter list में करीब 58 लाख नाम हटाए गए, जिनके पीछे death, migration और forms submit न होने जैसे reasons बताए गए हैं। हालांकि TMC इसे mass deletion बता रही है।
“EC अब WhatsApp Commission बन गया” – Abhishek Banerjee
TMC के national general secretary और सांसद Abhishek Banerjee ने EC पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि
“Election Commission अब WhatsApp Commission बन चुका है। यह पूरा SIR exercise बंगाल को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि SIR process के दौरान
- 45 लोगों की मौत
- 6 लोग hospitalized
- 29 BLOs ने suicide attempt किया
Banerjee ने कहा कि TMC ने EC से 5 basic सवाल पूछे थे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला, जबकि मीडिया से कहा जा रहा है कि जवाब दिए जा चुके हैं।
Selective action का आरोप
Abhishek Banerjee ने सवाल उठाया कि
- Micro-observers सिर्फ Bengal में क्यों?
- Gujarat जैसे राज्यों में ऐसा क्यों नहीं किया गया?
उन्होंने आरोप लगाया कि जब draft list में 80% data mapping complete दिखाई गई, तो पहले यह क्यों कहा गया कि 40–50% data trace ही नहीं किया जा सकता।
उन्होंने EC पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा,
“आप भारत के चुनाव आयोग हैं, BJP के नहीं। अगर आपके पास बांग्लादेशियों की list है तो public करें, नहीं तो बंगाल से माफी मांगें।”
उन्होंने EC app में technical flaws और एक महिला अधिकारी के कथित संचालन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके पास screenshots मौजूद हैं।
31 दिसंबर को EC से मिलेगा TMC delegation
सूत्रों के मुताबिक, TMC का 10-member delegation 31 December को Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar से मुलाकात करेगा। इस delegation में Abhishek Banerjee और Derek O’Brien भी शामिल होंगे।
TMC नेताओं का कहना है कि अगर satisfactory response नहीं मिला तो
- EC gherao किया जाएगा
- 2 से 22 जनवरी तक state-wide campaign चलेगा
इस campaign का मकसद है कि 2026 Assembly Elections से पहले किसी भी genuine voter का नाम list से न कटे।
TMC MP Kakoli Ghosh का आरोप
TMC सांसद Kakoli Ghosh Dastidar ने भी EC पर harassment का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के चार सदस्यों को SIR hearing का नोटिस मिला, जबकि वे वर्षों से registered voters हैं।
हालांकि Chief Electoral Officer Manoj Agarwal ने इन आरोपों को misleading बताते हुए कहा कि documents में proper linkage न होने पर नियमों के तहत notice भेजा गया है।




