Budget 2026: इनकम टैक्स स्लैब जस के तस, TDS-TCS में बड़ी राहत

नई दिल्ली

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में Union Budget 2026-27 पेश किया। बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू हुआ। हर साल की तरह इस बार भी सैलरीड क्लास, मिडिल क्लास और आम टैक्सपेयर्स की नजरें Income Tax slabs और rates पर टिकी थीं।

वित्त मंत्री ने साफ किया कि FY 2026-27 के लिए न तो नए टैक्स स्लैब बदले गए हैं और न ही टैक्स रेट्स—चाहे वह New Tax Regime हो या Old Tax Regime। यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले टैक्स नियमों में स्लैब वही रहेंगे


🔹 New Tax Regime: स्लैब और टैक्स रेट (FY 2026-27)

नए टैक्स सिस्टम के तहत टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:

  • ₹4 लाख तक की आय — पूरी तरह टैक्स फ्री
  • ₹4 से ₹8 लाख — 5% टैक्स
  • ₹8 से ₹12 लाख — 10% टैक्स
  • ₹12 से ₹16 लाख — 15% टैक्स
  • ₹16 से ₹20 लाख — 20% टैक्स
  • ₹20 से ₹24 लाख — 25% टैक्स
  • ₹24 लाख से अधिक — 30% टैक्स

नए टैक्स सिस्टम में कम टैक्स रेट, सरल स्लैब और ₹75,000 का standard deduction मिलता है, लेकिन इसमें Section 80C, 80D, HRA, Home Loan Interest जैसी छूटें नहीं मिलतीं।


🔹 Old Tax Regime: क्या है स्थिति

पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स स्लैब ऊंचे हैं, लेकिन इसमें लोकप्रिय deductions और exemptions मिलते हैं, जैसे:

  • Section 80C (₹1.5 लाख तक)
  • Section 80D (Health Insurance)
  • Section 80TTA
  • Home Loan Interest (Self-occupied house पर ₹2 लाख तक)

हालांकि, पुराने सिस्टम में 30% टैक्स स्लैब ₹10 लाख की आय पर ही शुरू हो जाता है, जबकि नए सिस्टम में इतनी आय पर टैक्स नहीं लगता।


🔹 Section 87A Rebate

  • नए टैक्स सिस्टम में ₹12 लाख (₹12.75 लाख सैलरीड) तक की आय पर पूरी टैक्स छूट
  • पुराने सिस्टम में यह छूट ₹5 लाख तक सीमित है

🔹 TCS और TDS में बड़ी राहत

बजट 2026 में सरकार ने TCS और TDS नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं:

✅ TCS में कटौती

  • Overseas Tour Packages पर TCS 5% / 20% से घटाकर 2%
  • Education और Medical Purpose (LRS) पर TCS 5% से घटाकर 2%

✅ TDS बदलाव

  • Manpower Services पर TDS 1% या 2%
  • Non-resident से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत खत्म, PAN से TDS जमा होगा

🔹 Revised Return की Deadline बढ़ी

  • अब Revised Return 31 दिसंबर की बजाय 31 मार्च तक दाखिल की जा सकेगी
  • इसके लिए नाममात्र फीस देनी होगी
  • ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई
  • Non-audit business cases और trusts के लिए 31 अगस्त

🔹 छोटे टैक्सपेयर्स को राहत

  • Small taxpayers को rule-based automated process से lower / nil TDS certificate मिलेगा
  • अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं
  • Students, young professionals और relocated NRI के लिए one-time 6 महीने की Foreign Asset Disclosure Scheme

🔹 Penalty और Prosecution में राहत

  • Under-reporting की तरह अब misreporting पर भी immunity
  • शर्त: टैक्स + ब्याज के अलावा 100% अतिरिक्त टैक्स
  • कुछ technical defaults को criminal offence से हटाकर fee में बदला गया
  • Minor offences में जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना

🔹 New Income Tax Act 2025

वित्त मंत्री ने बताया कि Income Tax Act 1961 की जगह नया Income Tax Act 2025
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा
इसमें:

  • Sections की संख्या 819 से घटकर 536
  • भाषा ज्यादा simple और readable
  • Compliance आसान बनाने पर फोकस

🧠 एक्सपर्ट्स की राय

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि:

  • नए टैक्स सिस्टम में कम जोखिम और आसान filing
  • जिनके पास ज्यादा deductions हैं, उनके लिए Old Regime अभी भी फायदेमंद
  • हर टैक्सपेयर्स को दोनों सिस्टम में calculation करके ही फैसला लेना चाहिए

📌 निष्कर्ष

Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब स्थिर रहे, लेकिन
TDS-TCS में राहत, revised return की deadline बढ़ना और penalty नियमों में नरमी
आम टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

यह लेखक News Hub Hindi से जुड़ा हुआ है और स्थानीय व राज्य स्तरीय समाचारों पर नियमित रूप से लेखन करता है। प्रशासनिक गतिविधियाँ, जनहित से जुड़े मुद्दे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और सामाजिक घटनाएँ इसके प्रमुख विषय हैं।लेखक का फोकस तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और समय पर सही जानकारी पाठकों तक पहुँचाने पर रहता है। खबरों के चयन और प्रस्तुति में विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक सूचनाओं और जमीनी तथ्यों को प्राथमिकता दी जाती है।

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