Sultanpur News: घने कोहरे ने रोकी रफ्तार, 50 मीटर विजिबिलिटी में हेडलाइट जला रेंगते रहे वाहन

सुल्तानपुर। जिले में मंगलवार को घने कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। आधी रात के बाद से ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कोहरे की मोटी चादर छा गई, जिससे सुबह लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। सड़कों पर सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी बेहद सतर्क नजर आए।

घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। हालात ऐसे रहे कि वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। दिनभर बर्फीली हवाएं चलती रहीं, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। शीतलहर के चलते सड़कें भीग गईं और गलन ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया।

दिन ढलते ही एक बार फिर कोहरा गहराने लगा। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने हीटर और ब्लोअर का सहारा लिया। शाम होते-होते बाजारों में भी सन्नाटा पसर गया और आम दिनों की तुलना में आवाजाही काफी कम रही। शीतलहर का असर लोगों के दैनिक कार्यों पर साफ तौर पर देखने को मिला।

तापमान में आई तेज गिरावट

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को 3.0 डिग्री गिरकर 15.0 डिग्री पर पहुंच गया। यह सामान्य से करीब 7.0 डिग्री कम है।

वहीं न्यूनतम तापमान सोमवार के 7.5 डिग्री से बढ़कर मंगलवार को 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसमें 1.5 डिग्री की बढ़त हुई है। दक्षिण-पश्चिमी हवा की गति करीब 1.5 किमी प्रति घंटा रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 24 घंटों में जिले में घना कोहरा छाए रहने और तापमान सामान्य से कम बने रहने की संभावना है।

निजी स्कूल खुले, ठंड में कांपे बच्चे

ठंड और कोहरे को लेकर अवकाश की घोषणा के बावजूद ग्रामीण इलाकों के कई निजी विद्यालय खुले रहे। मंगलवार को अलीगंज क्षेत्र में बच्चे कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच स्कूल जाते हुए दिखाई दिए। हालांकि अब अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।

अभिभावक शिवकुमार ने बताया कि उनका बेटा निजी विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र है, लेकिन मंगलवार सुबह ठंड और कोहरे को देखते हुए उन्होंने बच्चे को स्कूल नहीं भेजा।

ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक

कोहरे का असर रेलवे संचालन पर भी पड़ा। अमृतसर से कोलकाता जाने वाली अकाल तख्त एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। नई दिल्ली से राजगीर जाने वाली श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग चार घंटे विलंब से स्टेशन आई। वहीं जम्मूतवी से हावड़ा जाने वाली हिमगिरि एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे लेट रही।
स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि कोहरे के कारण कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता

घने कोहरे को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खासतौर पर दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसान भूपेंद्र सिंह और शिवराम तिवारी ने बताया कि फूलों वाली फसलों पर कोहरे के कारण पत्तियों पर पानी की बूंदें जम जाती हैं, जिससे पत्तियां झुलस जाती हैं और फसल खराब हो जाती है।

गोभी, अरहर, मटर, आलू सहित पत्ती वाली फसलें कोहरे से सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी के अनुसार ठंड और कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन यदि यही स्थिति बनी रही तो दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

शुभम कौशल मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वे सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाती है।

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