Singramau News: महाराज अहिबरन जयंती पर बरनवाल सेवा समिति की भव्य शोभा यात्रा, उमड़ा समाज

लीड / परिचय

सिंगरामऊ क्षेत्र में शुक्रवार को महाराज अहिबरन जयंती के अवसर पर बरनवाल सेवा समिति की ओर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। पारंपरिक उल्लास, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के साथ निकली यह शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और अंत में एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गई।


नगर के प्रमुख मार्गों से निकली शोभा यात्रा

विगत वर्षों की परंपरा को निभाते हुए बरनवाल सेवा समिति ने इस वर्ष भी महाराज अहिबरन की जयंती को गरिमापूर्ण तरीके से मनाया। शोभा यात्रा स्थानीय बाजार से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से भ्रमण करती हुई राजा साहब की पुरानी कोठी के मैदान में पहुंची। पूरे मार्ग में समाज के लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भागीदारी की।


राजा साहब कुंवर मृगेंद्र सिंह ने किया स्वागत

शोभा यात्रा के दौरान राजा साहब सिंगरामऊ कुंवर मृगेंद्र सिंह उर्फ “शिव बाबा” ने बस पड़ाव स्थित अपने आवास के सामने यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।


सभा में महाराज अहिबरन की जीवनी पर प्रकाश

शोभा यात्रा के समापन के बाद आयोजित सभा को बरनवाल सेवा समिति के संरक्षक इंद्र कुमार बरनवाल ने संबोधित किया। उन्होंने महाराज अहिबरन के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि महाराज अहिबरन व्यापारियों के नगर “बरन” के भारतीय राजा थे। बरनवाल समाज स्वयं को उन्हीं का वंशज मानता है और उनकी जयंती समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


समाज के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में बरनवाल सेवा समिति के अध्यक्ष लालचंद्र बरनवाल, युवा समिति अध्यक्ष पवन बरनवाल उर्फ मुन्नू, महिला समिति अध्यक्ष कविता बरनवाल सहित बसंत लाल, दिनेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह (प्रधान), वरुण सिंह, आशुतोष सिंह, नंदन सिंह, अंकित बरनवाल समेत समाज के सैकड़ों पुरुष और महिलाएं उपस्थित रहे।


श्रद्धा और उत्साह का माहौल

पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा। आयोजन को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा गया और सभी ने इसे सफल बनाने में सहयोग किया।

शुभम कौशल मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वे सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाती है।

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